साक्षी महाराज सेंगर से मिलने गए, लेकिन पीड़िता से मिलने नहीं आए. जब
चाचा नहीं हैं तो हम कहां रहेंगे, जहां जाएंगे वहीं कुचल कर मार दिए
जाएंगे.
प्रधानमंत्री जी तक हमारी बात पहुंचवा दीजिये. जो झूठे मुक़दमे लगाए गए हैं उसे वापस लिया जाए. चाचा को 307 के मुक़दमे में जेल कराई गई. वे अपने दरवाज़े पर खड़े थे. इन्होंने गोली चलाई वो बाइज्जत बरी कर दिए गए.
कुलदीप सेंगर के बारे में यह कहना है कि अगर ऐसे रहा तो हमारा परिवार नहीं रहेगा. उसको अब तक पार्टी में क्यों रखा गया.
केवल स्मृति इरानी आई थीं और दिलासा देकर चली गईं.
ये जब धमकी देने आए थे, तो मैंने मुक़दमा भी किया था. उनको गिरफ़्तार करवा देते तो यह नहीं होता.
ये खुल कर कहते थे कि तुम एक-एक कर मरोगे. ऐसा बोल रहे हैं तो हम सुरक्षित तो नहीं हैं. हमें सुरक्षा दी जाए.
हया ने अदालत में फ़ोर्स मैरिज प्रोटेक्शन ऑर्डर की मांग की है, जो किसी व्यक्ति को शादी में ज़बरदस्ती रखे जाने से सुरक्षा देता है. इस सुनवाई में दुबई के शासक शेख मोहम्मद पेश नहीं हुए थे.
राजकुमारी हया बिंत अल हुसैन जॉर्डन के शाह अब्दुल्लाह की सौतेली बहन भी हैं और वो शेख़ मोहम्मद की छठी पत्नी हैं. दुबई और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए इस मामले को बहुत संवेदनशील समझा जा रहा है.
इस मामले पर इस महीने निजी सुनवाई भी हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों ने बयान जारी कर कहा था कि यह मुक़दमा उनके बच्चों की बेहतरी के लिए है न कि उनके तलाक़ के लिए या पैसे के लिए.
दुबई के शाही परिवार के क़रीबी लोगों का कहना है कि शेख़ मोहम्मद और राजकुमारी हया के बीच पारिवारिक कलह की वजह उनकी 33 वर्षीय बेटी शेख़ा लतीफ़ा हैं, जिनकी मां शेख की एक दूसरी बीवी हैं.
शेख़ा लतीफ़ा पहले भी विवाद में रह चुकी हैं. कथित तौर पर उनके तौर-तरीक़ों पर रोक-टोक लगाई गई थी जिसके बाद उन्होंने घर से भागने की कोशिश की थी.
शेख़ लतीफ़ा के दोस्तों के अनुसार, पिछले साल उन्होंने भागने की कोशिश की थी लेकिन भारतीय तट के नज़दीक अमीराती सेना ने उनके जहाज़ को पकड़ लिया था. दिसंबर में आयरलैंड की पूर्व राष्ट्रपति मैरी रॉबिन्सन के साथ एक बैठक के बाद वह नज़र नहीं आई हैं.
रॉबिन्सन संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समूह की पूर्व प्रमुख हैं और राजकुमारी हया की दोस्त भी हैं. उस बैठक के बाद शेख़ लतीफ़ा को 'मुसीबत' में बताया जा रहा था और कहा गया था कि वह 'अपने परिवार की प्यार भरी देखभाल' में हैं.
इसके बाद यूएई प्रशासन ने आरोपों के जवाब में शेख़ा लतीफ़ा के इलाज और रॉबिन्सन से मुलाक़ात की जानकारी जारी की थी.
पिछले साल मार्च में सामने आए 40 मिनट के वीडियो में शेख़ लतीफ़ा ने अपने ऊपर लगाई जा रही पाबंदियों पर बात करते हुए कहा था कि वो दुबई में नहीं रहना चाहतीं. उन्होंने अपनी बहन शम्सा का ज़िक्र करते हुए कहा था कि 2000 में वह ब्रिटेन में छुट्टी मनाने के दौरान भाग गई थीं.
लतीफ़ा ने कहा था, "जब आप वीडियो देख रहे हैं तो हो सकता है तब मैं मर चुकी हूं या बहुत-बहुत बुरी स्थिति में हूं."
प्रधानमंत्री जी तक हमारी बात पहुंचवा दीजिये. जो झूठे मुक़दमे लगाए गए हैं उसे वापस लिया जाए. चाचा को 307 के मुक़दमे में जेल कराई गई. वे अपने दरवाज़े पर खड़े थे. इन्होंने गोली चलाई वो बाइज्जत बरी कर दिए गए.
कुलदीप सेंगर के बारे में यह कहना है कि अगर ऐसे रहा तो हमारा परिवार नहीं रहेगा. उसको अब तक पार्टी में क्यों रखा गया.
केवल स्मृति इरानी आई थीं और दिलासा देकर चली गईं.
ये जब धमकी देने आए थे, तो मैंने मुक़दमा भी किया था. उनको गिरफ़्तार करवा देते तो यह नहीं होता.
ये खुल कर कहते थे कि तुम एक-एक कर मरोगे. ऐसा बोल रहे हैं तो हम सुरक्षित तो नहीं हैं. हमें सुरक्षा दी जाए.
दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल-मख़दूम से अलग हुईं उनकी पत्नी ने लंदन की अदालत में ज़बरन शादी में रखे
जाने से सुरक्षा की मांग की है.
शेख मोहम्मद की पत्नी जॉर्डन की 45 साल की राजकुमारी हया हैं, जो अपने पति को छोड़ दुबई से लंदन आ गई हैं.
हया सेंट्रल लंदन में हाई कोर्ट के फैमिली कोर्ट डिविज़न में मंगलवार को इस
मामले की शुरुआती सुनवाई में पेश हुई थीं. हया ने अदालत में फ़ोर्स मैरिज प्रोटेक्शन ऑर्डर की मांग की है, जो किसी व्यक्ति को शादी में ज़बरदस्ती रखे जाने से सुरक्षा देता है. इस सुनवाई में दुबई के शासक शेख मोहम्मद पेश नहीं हुए थे.
राजकुमारी हया बिंत अल हुसैन जॉर्डन के शाह अब्दुल्लाह की सौतेली बहन भी हैं और वो शेख़ मोहम्मद की छठी पत्नी हैं. दुबई और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए इस मामले को बहुत संवेदनशील समझा जा रहा है.
इस मामले पर इस महीने निजी सुनवाई भी हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों ने बयान जारी कर कहा था कि यह मुक़दमा उनके बच्चों की बेहतरी के लिए है न कि उनके तलाक़ के लिए या पैसे के लिए.
दुबई के शाही परिवार के क़रीबी लोगों का कहना है कि शेख़ मोहम्मद और राजकुमारी हया के बीच पारिवारिक कलह की वजह उनकी 33 वर्षीय बेटी शेख़ा लतीफ़ा हैं, जिनकी मां शेख की एक दूसरी बीवी हैं.
शेख़ा लतीफ़ा पहले भी विवाद में रह चुकी हैं. कथित तौर पर उनके तौर-तरीक़ों पर रोक-टोक लगाई गई थी जिसके बाद उन्होंने घर से भागने की कोशिश की थी.
शेख़ लतीफ़ा के दोस्तों के अनुसार, पिछले साल उन्होंने भागने की कोशिश की थी लेकिन भारतीय तट के नज़दीक अमीराती सेना ने उनके जहाज़ को पकड़ लिया था. दिसंबर में आयरलैंड की पूर्व राष्ट्रपति मैरी रॉबिन्सन के साथ एक बैठक के बाद वह नज़र नहीं आई हैं.
रॉबिन्सन संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समूह की पूर्व प्रमुख हैं और राजकुमारी हया की दोस्त भी हैं. उस बैठक के बाद शेख़ लतीफ़ा को 'मुसीबत' में बताया जा रहा था और कहा गया था कि वह 'अपने परिवार की प्यार भरी देखभाल' में हैं.
इसके बाद यूएई प्रशासन ने आरोपों के जवाब में शेख़ा लतीफ़ा के इलाज और रॉबिन्सन से मुलाक़ात की जानकारी जारी की थी.
पिछले साल मार्च में सामने आए 40 मिनट के वीडियो में शेख़ लतीफ़ा ने अपने ऊपर लगाई जा रही पाबंदियों पर बात करते हुए कहा था कि वो दुबई में नहीं रहना चाहतीं. उन्होंने अपनी बहन शम्सा का ज़िक्र करते हुए कहा था कि 2000 में वह ब्रिटेन में छुट्टी मनाने के दौरान भाग गई थीं.
लतीफ़ा ने कहा था, "जब आप वीडियो देख रहे हैं तो हो सकता है तब मैं मर चुकी हूं या बहुत-बहुत बुरी स्थिति में हूं."